डीमैट अकाउंट क्या होता है

News18 हिंदी 1 दिन पहले News18 Hindi
Nykaa Bonus Issue: इनवेस्टर्स के लिए क्या हैं नायका के बोनस शेयरों के मायने?
Nykaa ने शेयरों में बड़ी बिकवाली रोकने के लिए दो-तरफा रणनीति अपनाई। कंपनी की यह रणनीति सफल साबित हुई है। लॉक-इन पीरियड खत्म होने पर शेयरों में बड़ी बिकवाली नहीं हुई।
Nykaa Bonus Issue: Nykaa ने बोनस शेयरों (Bonus shares) के लिए रिकॉर्ड डेट उस दिन रखी, जिस दिन उसके शेयरों के लिए लॉक-इन पीरियड (Lock-In period) खत्म हो रहा था। कंपनी ने शेयरों में बड़ी बिकवाली रोकने के लिए यह दो-तरफा रणनीति अपनाई। कंपनी की यह रणनीति सफल साबित हुई है। लॉक-इन पीरियड खत्म होने पर शेयरों में बड़ी बिकवाली नहीं हुई। सवाल है कि आगे क्या होगा?
नायका की यह रणनीति भले ही अभी शानदार दिख रही है, लेकिन इसकी कीमत कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों और प्री-आईपीओ शेयरहोल्डर्स के एक खास वर्ग को चुकानी पड़ी है। प्रमोटर और शुरुआती शेयरहोल्डर्स अब बहुत कम कैपिटल गेंस टैक्स के साथ इस शेयर से बाहर निकल सकते हैं। लेकिन, मैनेजमेंट ने शेयरों से बाहर निकलने की चाहत रखने वाले दूसरे शेयरहोल्डर्स के लिए शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के रूप में एक बाधा खड़ी कर दी है। डीमैट अकाउंट क्या होता है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का रेट सिर्फ 10 फीसदी है, जबकि शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस पर इनकमट टैक्स का मार्जिनल रेट लागू होता है।
संबंधित खबरें
इंडियन मार्केट पर क्या मंदी का RISK है?
Daily Voice| इन दो सेक्टर में निवेश आपको मालामाल कर देगा, श्रीराम लाइफ के अजीत बनर्जी ने बताई वजह
Nykaa का बोनस इश्यू, निवेशकों के साथ धोखा!
बड़ी गिरावट के बाद बोनस इश्यू ने शेयरों की कीमतों को और गिरने से बचा लिया है। 9 नवंबर को यह शेयर 8 फीसदी गिरा था। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 20 फीसदी गिर चुका है। एक्स-बोनस होने के बाद यह शेयर 171 रुपये पर खुला। फिर, करीब 173 रुपये तक आने से पहले चढ़कर 184 रुपये पर गया। यह 9 नवंबर के बंद स्तर के बराबर बैठता है।
ऐसा लगता है कि जोमैटो के शेयरों में लॉक-इन खत्म होने पर बड़ी गिरावट देखने के बाद नायका ने अपने शेयरों में बड़ी गिरावट रोकने के लिए बोनस इश्यू का दांव चला। जोमैटो के शेयर दो दिन में 30 फीसदी गिर गए थे, जिससे बाजार में अफरातफरी मच गई थी।
बोनस इश्यू ने 10 नवंबर को नायका के शेयरों को बड़ी गिरावट से बचा लिया है। लेकिन, शेयरों के डीमैट अकाउंट में आने के बाद बड़ी गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। अभी इस बार में डीमैट अकाउंट क्या होता है तस्वीर साफ नहीं है कि बोनस शेयर कब तक इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट होंगे। ब्रोकर्स को उम्मीद है कि करीब दो हफ्ते में ये शेयर डीमैट अकाउंट में आ जाएंगे। कुछ सूत्रों ने 14 नवंबर तक शेयरों के क्रेडिट होने की उम्मीद जताई। लेकिन, यह सिर्फ उपलब्धता का मामला नहीं है।
आइए जानते हैं क्या होता है डीमैट अकाउंट, इसे कैसे खोलते हैं
डीमैट का पूरा फुल फॉर्म Dematerialize है। डीमैट अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होता है जिसके माध्यम से लोग शेयर बाजार में शेयर की खरीद और बिक्री आसानी से कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति आसानी से अपना डीमैट अकाउंट खुलवा सकता है। इसके लिए पैन कार्ड (PAN CARD) होना जरूरी है। बिना पैन कार्ड के कोई भी व्यक्ति डीमैट अकाउंट नहीं खुलवा सकता है।
इस तरह से हम कह सकते हैं कि डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल शेयरों को खरीदने और बेचने के लिए लोग करते हैं। जिस तरह से लोग अपना पैसा बैंक अकाउंट में जमा करके रखते हैं। ठीक उसी तरीके से डीमैट अकाउंट में लोग शेयर को जमा कर के रखते है। डीमैट अकाउंट होने से हम जिस तरह से ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट करते हैं उसी तरीके से शेयर को भी एक अकाउंट से दूसरे डीमैट अकाउंट में डिजिटल ट्रांसफर कर सकते हैं। अर्थात शेयरों को भौतिक रूप में बदलने की प्रक्रिया को डिमैटेरियलाइजेशन कहा जाता है। पहले के समय में जब लोग शेयर को खरीदते थे तो कंपनी शेयर से जुड़े दस्तावेज भेज दी थी। जो इस बात का सबूत होते थे कि आपने उस कंपनी के शेयर में निवेश कर रखा है। वही जब आप शेयर को बेचते थे तो वही दस्तावेज कंपनी को दिया जाता था और उसमें लिखें भाव के हिसाब से आपको पैसा दिया जाता था। यह प्रक्रिया काफी जटिल होती थी। यही वजह थी कि आम जनता शेयर मार्केट में निवेश करने से बचती थी। समय के साथ नई तकनीक आई। आज इंटरनेट के दौर में सब कुछ डिजिटल हो गया है। ऐसे में शेयर की खरीद और बिक्री भी डिजिटल माध्यम से होने लगी है और डीमैट अकाउंट क्या होता है अब डीमेट अकाउंट के जरिए होती है।
डीमेट अकाउंट खोलने के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट
- पैन कार्ड PAN CARD
- आधार कार्ड AADHAR CARD
- पासपोर्ट साइज की दो फोटो
- कैंसिल चेक
- सेविंग बैंक खाता पासबुक
भारत में डीमेट अकाउंट खोलने के लिए जो संस्थाएं है –
- एनएसडीएल (NSDL – National Security Depository Limited)
- सीडीएसएल (CDSL – Central Security Depositary Limited)
आज भारत में इन दोनों कंपनियों के 500 से भी अधिक एजेंट है। जिन्हें डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स के नाम से जाना जाता है। यह लोगों का डीमेट अकाउंट खोलने का काम करती है। डीमेट डीमैट अकाउंट क्या होता है अकाउंट बैंक ही नहीं बल्कि अन्य संस्थाएं भी हो सकते हैं जिसमें प्रमुख रूप से भारत में डीमेट अकाउंट खोलने वाली संस्था sharekhan, india infoline आदि है।
डीमैट अकाउंट का विवरण | Demat Account Full Details in hindi
आपका डीमैट अकाउंट खुल जाने के बाद यह सुनिश्चित करें, कि आपको अपने डीपी से निम्न विवरण प्राप्त किया :
- डीमैट अकाउंट नंबर : CDLS के माध्यम से यह बेनिफिशियरी आईडी’ के रूप में जाना जाता है। यह मुख्य रूप से 16 कैरेक्टर का मिश्रण है।
- डीपी आईडी : ये ID डिपॉजिटर प्रतिभागी को दी जाती है। डीमैट अकाउंट क्या होता है जो आपके डीमैट अकाउंट नंबर का हिस्सा है।
- पीओए नंबर : ये पावर ऑफ अटॉर्नी एग्रीमेंट का हिस्सा है, जहां एक इन्वेस्टर दिए गए निर्देशों के अनुसार स्टॉक ब्रोकर को अपने अकाउंट को संचालित करने की अनुमति प्रदान करता है।
ऑनलाइन एक्सेस के लिए आपको अपने डीमैट तथा ट्रेडिंग अकाउंट्स पर एक यूनिक लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड भी प्राप्त होगा।
डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट | Demat Account aur Trading Account in hindi
डीमैट अकाउंट एक ट्रेडिंग अकाउंट के साथ होता है. जो शेयर बाजार में शेयर खरीदने तथा बेचने के लिए आवश्यक है।
लोग कभी-कभी डीमैट एवं ट्रेडिंग अकाउंट के बीच कंफ्यूज रहते हैं कि वह एक जैसे नहीं हैं। एक डीमैट एकाउंट में आपके नाम के शेयरों तथा अन्य सिक्योरिटीज का विवरण होता है। शेयर खरीदने एवं बेचने के लिए, आपको एक ट्रेडिंग एकाउंट खोलना होगा। कई बैंक एवं ब्रोकर ऑनलाइन ट्रेडिंग सुविधाओं के साथ ट्रेडिंग एकाउंट की पेशकश करते हैं, जिससे आम इन्वेस्टर्स के लिए शेयर मार्केट में हिस्सा लेना आसान हो जाता है।
डीमैट अकाउंट के प्रकार | Types of demate Account in hindi
अब हम डीमैट अकाउंट की परिभाषा समझ ही गए हैं। तो चलिए डीमैट अकाउंट के प्रकारों को देखते है। यह मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते डीमैट अकाउंट क्या होता है हैं:
- रेगुलर डीमैट अकाउंट: यह उन भारतीय नागरिकों के लिए होता है जो, देश में रहते हैं।
- रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट: इस प्रकार का डीमैट अकाउंट प्रवासी भारतीयों (NRI) डीमैट अकाउंट क्या होता है के लिए है, जोकी विदेशों में फंड ट्रांसफर करने में सक्षम बनाता है। हालांकि, इस प्रकार के डीमैट अकाउंट को NRE बैंक अकाउंट से लिंक करने की आवश्यकता है।
- नॉन-रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट क्या होता है डीमैट अकाउंट: यह भी NRI के लिए है, पर इस तरह के डीमैट अकाउंट के साथ, विदेशों में फंड ट्रांसफर करना संभव नहीं है। साथ ही इसे NRO बैंक अकाउंट से भी लिंक कराना पड़ेगा।
PPF अकाउंट बनाएगा करोड़पति, हर दिन ₹416 के बचत से बनेंगे ₹2.27 करोड़
नौकरीपेशा लोगों के बीच स्मॉल सेविंग स्कीम- पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) की काफी लोकप्रियता है। इस स्कीम के तहत निवेश पर केंद्र सरकार 7.10 फीसदी की दर से ब्याज देती है तो वहीं टैक्स सेविंग भी की जा सकती है। स्कीम के तहत आप एक वित्तीय वर्ष में ₹1.50 लाख तक जमा करा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि आप हर दिन ₹416 की बचत से कैसे ₹2.27 करोड़ की बड़ी रकम जुटा सकते हैं।
क्या है कैल्कुलेशन: वैसे तो PPF अकाउंट 15 साल में मैच्योर हो जाता है लेकिन आप इसका विस्तार कर 35 साल तक के लिए निवेश करते हैं तो करोड़पति बन जाएंगे। इस अवधि में निवेशक को प्रति माह ₹12,500 का निवेश करना होगा। हर दिन के हिसाब से देखें तो आपको 416 रुपये की बचत करनी डीमैट अकाउंट क्या होता है होगी तभी मासिक आधार निवेश कर सकते हैं। यही सिलसिला 35 साल तक चलता रहा तो मैच्योरिटी के बाद लगभग ₹2.27 करोड़ की रकम मिलेगी।
Gold Trading: सोने की ट्रेडिंग होगी आसान, सरकार ला रही नए नियम
News18 हिंदी 1 दिन पहले News18 Hindi
नई दिल्ली. सोने में ट्रेडिंग करना अब और आसान होने वाला है. Paper Gold में ट्रेडिंग करने वालों कारोबारियों लिए अच्छी ख़बर आई है. Electronic Gold Receipts में Trade करने पर ITC रिफंड नहीं अटकेगा. सूत्रों के मुताबिक EGR यानी Electronic Gold Receipts के जरिए निवेश और ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए वित्तमंत्रालय GST से जुड़े नियमों में ढील देने पर विचार कर रहा है.
बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसिप्ट से इस प्रीसियम मेटल प्रभावी और पारदर्शी कीमत का पता लगाने में मदद मिलेगी. EGR यानी इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट अन्य सिक्योरिटीज जैसा ही होगा. इसकी ट्रेडिंग क्लियरिंग और सेटलमेंट भी दूसरी सिक्योरिटीज की तरह किया जा सकेगा.